कदलूर पॉइंट दीपस्तंभ, मैंगलोर-शोरणूर सेक्शन पर निकटतम रेलवे स्टेशन कोयलांडी से सड़क मार्ग से 9 किमी की दूरी पर स्थित है। प्राचीन काल में किसी दीपस्तंभ के अस्तित्व में होने से संबंधित का कोई प्रमाण नहीं है - यहां तक कि ध्वज दंड अथवा मस्तूल की भी उपलब्धता नहीं की गयी थी। नाविक, तट से सुरक्षित दूरी तक नौचालन करते थे। मुख्य रूप से तट से लगभग 10 किमी की दूरी जलमग्न खतरनाक चट्टान के संबंध में नाविकों को चेतावनी की प्रदानगी से संबंधित इस स्थान पर एक दीपस्तंभ की उपलब्धता को आवश्यक समझा गया था। दीपस्तंभ टावर का निर्माण वर्ष 1906-07 के दौरान प्रारंभ किया गया था और वर्ष 1909 के प्रारंभ में संपूर्ण हुआ था । इसके पश्चात मेसर्स चांस ब्रदर्स, बर्मिंघम द्वारा आपूर्ति किए गए ऑप्टिकल उपकरण पीवी बर्नर आदि की स्थापना शुरू की गई और दीपस्तंभ को 20 अक्टूबर 1909 को प्रचालित किया गया था। तब से 16 मार्च 1995 को लाइट स्रोत को उद्दीप्त विद्युत लैंप द्वारा प्रतिस्थापित किए जाने तक पीवी उपकरण ने उत्कृष्ट सेवा प्रदान की है। 230V 400W मेटल हैलाइड लैंप ने 8 अगस्त 1996 को उद्दीप्त लैंप को प्रतिस्थापित कर दिया। साथ ही डायरेक्ट ड्राइव प्रणाली को भी शामिल किया गया था। दीस्तंभ के निकटवर्ती क्षेत्र में डाकघर, अस्पताल, हाई स्कूल, पुलिस स्टेशन आदि सामान्य दूरी पर उपलब्ध हैं। निकटतम बंदरगाह कोझिकोड में है, जो कि कदलूर पॉइंट दीपस्तंभ से लगभग 35 किमी दूर है। इस क्षेत्र में बसागत है। यह एक पहाड़ी क्षेत्र है, जहां दीपस्तंभ स्थित है। निकटतम बाज़ार नंदी बाज़ार है।